सरकार का अत्याचार, किसानो पर लाठीचार्ज, जानिए पूरा मामला.

क्या था मामला :-

Center government की ओर से लाए गए तीन कृषि अध्यादेशों के विरोध में प्रदेशभर के किसानों ने वीरवार को जोरदार प्रदर्शन किया। रोक के बावजूद pipli में किसान बचाओ रैली के लिए बड़ी संख्या में किसान, व्यापारी और मजदूर पहुंचे तो उन्हें खदेड़ने के लिए police ने लाठीचार्ज किया। लाठीचार्ज के विरोध में किसानों ने police पर पथराव कर दिया। 

सख्ती से गुस्साए किसानों ने दिल्ली-चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर दिया और अपनी मांग पर अड़े रहे। एक घंटे तक जाम के बाद प्रशासन झुका और रैली की इजाजत दी। दोपहर 2:00 बजे किसानों ने पिपली अनाज मंडी में रैली शुरू की। हंगामे के दौरान कई किसान और पुलिसकर्मी चोटिल हो गए और मौके पर खड़ी फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी क्षतिग्रस्त हो गई।

हरियाणा सरकार ने पिपली में प्रस्तावित किसान बचाओ मंडी बचाओ रैली पर रोक लगा दी थी। पुलिस ने सभी जिलों में रैली में शामिल होने जा रहे किसानों को रोकने का प्रयास किया गया। इसके बावजूद भारी संख्या में किसान, व्यापारी, मजदूर रैली के लिए कुरुक्षेत्र पहुंचे। पुलिस ने उन्हें खदेड़ने के लिए बल का प्रयोग किया। गुस्साए किसानों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। एक घंटे तक दिल्ली-चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर नीलोखेड़ी से शाहाबाद तक वाहनों की लंबी कतार लग

कब शुरु हुई रैली :-

सरकार ने किसानों को समझाने की कोशिश की लेकिन मांग पर अड़े रहे। आखिरकार प्रशासन को किसानों के आगे झुकना पड़ा और रैली करने की इजाजत दी। जाम के बाद दोपहर करीब दो बजे किसानों ने पिपली अनाज मंडी में पहुंचने पर रैली शुरू हुई। 

नहीं मानी मांग तो 15 से धरना :-
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि सरकार ने अन्नदाता पर लाठीचार्ज कर गलत किया है। अब हम सरकार को चार दिन का समय देते है। चार दिन में सरकार तीनों अध्यादेशों को वापस लेने की बात मान लें, अगर सरकार उनकी बात नहीं मानती है तो प्रदेशभर के किसान 15 सितंबर से जिलास्तर पर धरना शुरू करेंगे।

कौन-से अध्यादेश है जिनका विरोध हो रहा है :-
पहले कानून के मुताबिक हर व्यापारी केवल मंडी से ही किसान की फसल खरीद सकता था। अब व्यापारी को इस कानून के तहत मंडी के बाहर से फसल खरीदने की छूट मिल जाएगी। अनाज, दालों, खाद्य तेल, प्याज, आलू आदि को जरूरी वस्तु अधिनियम से बाहर करके इसकी स्टॉक सीमा समाप्त कर दी गई है। सरकार कांट्रेक्ट फॉर्मिंग को बढावा देने की बात कह रही है।

एनएच-44 रहा जाम :-
जीटी रोड जाम खुलवाने पहुंचे पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने किसानों को समझाने का प्रयास किया, मगर वे तभी हटे जब बातचीत में रैली करने की permission मिली। इसके बाद पिपली मंडी के गेट खोले गए और रैली में हजारों किसान, व्यापारी और मजदूर शामिल हुए।

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